Remembering Subhash Chandra Bose and Hemu Kalani

स्वतंत्रता के सर्वशक्तिमान योद्धा, अमर सेनानी सुभाष चन्द्र बोस जयंती पर हार्दिक नमन और भावभीनी श्रद्धांजलि
सुभाष चन्द्र बोस भारत के प्रथम आइ सी एस (तत्कालीन आइ ए एस) थे, वे एक धनाढ्य परिवार के थे बाल्यकाल में कक्षा में सबसे अधिक अंक लाने के बावजूद अंग्रेजों के पीछे बिठाया जाना उन्हें अखरता था यहीं से उनका मन आंदोलित हुआ,
आई सी एस होने के बाद भी नौकरी छोड़कर देश की सेवा में समर्पित हो जाना उनकी देश प्रेम भावना का सच्चा परिचायक है
सुभाष चंद्र बोस गांधीजी के समर्थक थे पर उनका कहना था कि बिना लडे आज़ादी बहुत विलम्ब से मिलेगी, उनका नारा था
जय-हिन्द
उन्होंने कहा कि
“तुम हमें खून दो “हम तुम्हे आज़ादी देंगे
उन्होंने” आज़ाद हिन्द सेना का निर्माण किया
उन का सेना गीत था
कदम-कदम बढाए जा खुशी के गीत गाए जा
यह ज़िंदगी है क़ौम की तु क़ौम पर लुटाए जा
…………. आज हमे उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए

सिंध के क्रांतिकारी हेमु कालानी आज ही 1943 में देश के लिए फांसी पर झूल गए थे।

हम अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं

अज़हर