Happy 68th Republic Day

गणतन्त्र दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन सन 1950 को भारत का संविधान लागू किया गया था।

26जनवरी और 15 अगस्त दो ऐसे राष्ट्रीय दिवस हैं जिन्हें हर भारतीय खुशी और उत्साह के साथ मनाता है।

हमारी मातृभूमि भारत लंबे समय तक ब्रिटिश शासन की गुलाम रही जिसके दौरान भारतीय लोग ब्रिटिश शासन द्वारा बनाये गये कानूनों को मानने के लिये मजबूर थे, भारतीय #स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा लंबे संघर्ष के बाद अंतत: 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली।

सन 1929 के दिसंबर में #लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन हुआ उसमें प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की गई कि यदि अंग्रेज सरकार 26 जनवरी 1930 तक भारत को स्वायत्तयोपनिवेश(डोमीनियन) का पद नहीं प्रदान करेगी, जिसके तहत भारत ब्रिटिश साम्राज्य में ही स्वशासित एकाई बन जाता, तो भारत अपने को पूर्णतः स्वतंत्र घोषित कर देगा।

26 जनवरी 1930 तक जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने उस दिन भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की और अपना सक्रिय आंदोलन आरंभ किया। उस दिन से 1947  में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। तदनंतर स्वतंत्रता प्राप्ति के वास्तविक दिन 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में स्वीकार किया गया।

26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए विधान निर्मात्री सभा (कांस्टीट्यूएंट असेंबली) द्वारा लगभग ढाई साल बाद भारत ने अपना संविधान लागू किया और खुद को लोकतांत्रिक गणराज्य के रुप में घोषित किया। लगभग 2 साल 11 महीने और 18 दिनों के बाद 26 जनवरी 1950 को हमारी संसद द्वारा भारतीय संविधान को पास किया गया। खुद को संप्रभु, #लोकतांत्रिक, #गणराज्य घोषित करने के साथ ही भारत के लोगों द्वारा 26 जनवरी “गणतंत्र दिवस” के रुप में मनाया जाने लगा।

देश को गौरवशाली गणतंत्र #राष्ट्र बनाने में जिन देशभक्तों ने अपना बलिदान दिया उन्हें 26 जनवरी दिन याद किया जाता और उन्हें श्रद्धाजंलि दी जाती है।

गणतंत्र दिवस से जुड़े कुछ तथ्य:

1- पूर्ण #स्वराज दिवस (26 जनवरी 1930) को ध्यान में रखते हुए भारतीय संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया था।

2- 26 जनवरी 1950 को 10:18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था।

3- गणतंत्र दिवस की पहली परेड 1955 को दिल्ली के राजपथ पर हुई थी।

4- भारतीय संविधान की दो प्रत्तियां जो हिन्दी और अंग्रेजी में हाथ से लिखी गई।

5- भारतीय संविधान की हाथ से लिखी मूल प्रतियां संसद भवन के पुस्तकालय में सुरक्षित रखी हुई हैं।

6- भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने गवर्नमैंट हाऊस में 26 जनवरी 1950 को शपथ ली थी।

7- गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं ।

8- 26 जनवरी को हर साल 21 तोपों की सलामी दी जाती है।

9- 29 जनवरी को विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाता है जिसमें भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बैंड हिस्सा लेते हैं। यह दिन गणतंत्र दिवस के समारोह के समापन के रूप में मनाया जाता है।

हिमालयं समारभ्य
यावत् इंदु सरोवरम् !
तं देवनिर्मित देश
हिंदुस्थानं प्रचक्षते ।

भावार्थ – हिमालय पर्वत से शुरू होकर भारतीय महासागर तक फैला हुआ ईश्वर की विशेष कृपा से समृद्ध देश है “हिंदुस्तान ” । यही वह देश है जहाँ ईश्वर समय – समय पर स्वयं जन्म लेते हैं और धर्म तथा मानवता की स्थापना करते हुए कल्याण करे इसी शुभकामना के साथ *भारतीय गणतन्त्र के 68 वें मंगलमय महोत्सव पर AILIEA के सभी सदस्यों को बहुशः मंगलकामनाएं

Gate Meet of January 25th, 2017

The Lucknow unit of LIEA (life Insurance Employees Association) held a gate meeting in divisional office premises which was atteded by over 50 members from different branch units, mainly from Division, CBO, CAB, DBO, Alambagh, Indiranagar and IT.
The meeting demanded the roll back of unilateral imposition of Transfer and Mobility policy in the face of stiff resistance due to lack of clarity on certain issues raised by trade unions.
They also demanded immediate notification of 5-day week which has been pending since the charter settlement in January 2016.
There was a vociferous demand to accord a human face to the local management which has been insensitive to the very genuine problems of the employees.
Demand to open a fire escape passage between annexe building and Main building was also raised to ensure safety of the employees and public in the annexe building. Needless to mention that this was a long pending demand of the employees which was not voiced earlier. The simmering due to unwarranted closure of this passage was widely criticized by all and sundry but unfortunately nobody took the initiative to get it opened.
The LIFE leadership in un equivoacal terms has demanded an early response to its demand.
Demand was also placed to bring more transparency to the posting and transfers of employees by placing all relevant data on the division website as is the norm in several other divisions.
The meeting was addressed by Shri Radheyshyam ji , Vice president , and Shri Azhar Jamal Siddiqui, Divisional Secretary.
The leadership expressed it thanks to all members, specially the lady members for having been so actively involved and participate in the formation and propagation of the organization.

25 जनवरी की गेट मीटिंग

आज का विरोध दिवस कुछ मायनो में अविस्मरणीय रहा।बहुत दिनों के बाद एक मुखर अध्यक्षीय अभिभाषण सुना ,काफी दिनों से हम सबने निष्क्रिय अध्यक्ष ही पलते देखा है,अच्छा लगा।दूसरी बात एक और बदलाव के हम सब गवाह बने। पता नहीं आप सबने महसूस किया या नहीं पर मेरा अभी तक का अनुभव रहा है कि संगठन में एक तरफ एक राजा , कुछ चाटुकारो,चमचो से घिरा वर्ग एक तरफ और चातक धर्म का निर्वाह करते प्राणी दूसरी तरफ रहकर खड़े रहते है और ऐसे ही हर गेट मीटिंग में भी दिखता था पर आज लाइफ में हम सब एक घेरे में,एक गोला बनाकर थे सब बराबर और हमारी 33 फीसदी बहनो की ताक़त का क्या कहूँ,सब ऐसे जुड़ाव से जुड़े है कि लग ही नहीं रहा था कि गेट मीटिंग हो रही थी,ऐसा लग रहा था कि किसी पारिवारिक उत्सव का आयोजन हो रहा हैऔर सब मिलकर किसी समस्या का निदान ढूंढ रहे है, अल्लाह बुरी नज़र से बचाये।