ग्रेच्युटि सीमा वृध्दि व आयकर मुक्त ग्रेच्युटि

AIBOC- आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स महासंघ द्वारा केंद्रीय श्रम एवं रोज़गार राज्यमंत्री श्री बंदारु दत्तरात्रेय के साथ मीटिंग में पब्लिक सेक्टर बैंक सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों में ग्रेच्युटि की अधिकतम  सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने और उसे आयकर से मुक्त कर केंद्रीय कर्मचारियों के सातवें वेतन आयोग के समान करने के साथ ही उनके तमाम अन्य मुद्दों समेत आगामी 28 फरवरी को बैंको की एक दिन की प्रस्तावित राष्ट्र व्यापी हड़ताल में रखे जाने की बात कही गयी है।
इस मुद्दे पर दि 23/02/2017 को संपन्न हुए त्रिपक्षीय वार्ता में मंत्री जी ने ग्रेच्युटि को 20 लाख तक बढ़ाये जाने की मांग को स्वीकारते हुए ग्रेच्युटि एक्ट में उसकी पात्रता रखने के लिए न्यूनतम 5 वर्षो के समय काल को कम करने के आश्वासन के साथ इस सम्बन्ध में लाये जाने वाले बिल में ग्रेच्युटि के स्व-वृध्दि (auto enhancement) के उपबंध को भी शामिल करने की बात कही, जिससे भविष्य में बैंक कर्मियों की ग्रेच्युटि केन्द्रीय वेतन आयोग में ग्रेच्युटि की सीमा बढ़ने के साथ बढ़ती रहेगी ।

इसके क्रियान्वयन के लिए ग्रेच्यटि भुगतान अधिनियम और आयकर अधिनियम 1961 की धारा 10 में यथोचित संशोधन की आवश्यकता होगी।

इस प्रपत्र के अनुसार AIBOC जल्द ही मंत्रालय से सातवें वेतन आयोग की प्रभावी तिथि 01/01/2016 से ग्रेच्युटि में बढ़ोत्तरी को अपने यहाँ भी उसी तिथि से लागू करने संबंधी वार्ता करेगा।

Supreme Court quashed LIC’s petition regarding CGIT

IN THE SUPREME COURT OF INDIA
INHERENT JURISDICTION
CURATIVE PETITION (C) NO.23 OF 2017
IN
REVIEW PETITION (C) NO.3846 OF 2015
IN
CIVIL APPEAL NO.6950 OF 2009

LIFE INSURANCE CORPORATION OF INDIA & ORS. … Petitioner(s)
VS.
TAMIL NADU TERMINATED FULL TIME TEMPORARY
LIC EMPLOYEES ASSOCIATION & ANR. … Respondent(s)
WITH
CURATIVE PETITION (C) NO.24 OF 2017
IN
REVIEW PETITION (C) NO.2990 OF 2015
IN
CIVIL APPEAL NO.6954 OF 2009

LIFE INSURANCE CORPORATION OF INDIA & ORS. … Petitioner(s)
VS.
AKHIL BHARTIYA JEEWAN BIMA NIGAM,
NIGAM CHATURTHA SRENI KARAMCHARI SANGH … Respondent(s)
WITH
CURATIVE PETITION (C) NO.25 OF 2017
IN
REVIEW PETITION (C) NO.2993 OF 2015
IN
CIVIL APPEAL NO.6952 OF 2009

LIFE INSURANCE CORPORATION OF INDIA & ANR. … Petitioner(s)
VS.
TERMINATED FULL TIME TEMPORARY LIC (more…)