1 मई मज़दूर दिवस का क्रांतिकारी अभिनंदन

अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस, श्रमिक दिवस, काम के आठ घंटे की अवधारणा साकार दिवस पर संपूर्ण श्रमिक वर्ग को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं तथा शिकागो के उन बलिदानी साथियों को जिन्हें इस उपलब्धि को अर्जित करने के लिए अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी उन शहीदों को नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि, विश्व का संपूर्ण मज़दूर वर्ग उन चार साथियों का ऋणी है जिन्हें 1 मई 1886 के, शिकागो के हेमार्केट में काम के घंटे 8 किए जाने के लिए एक प्रदर्शन के दौरान, किसी अनजान व्यक्ति द्वारा बम विस्फोट किए जाने के परिणाम स्वरुप, आरोपी करार दिया गया और 1887 में उनको फांसी दे दी गई, आज हमारे कार्यावधि को 10 से 5 तक सीमित करने की आधारशिला उन्हीं शहीदों ने रखी वर्ना उससे पूर्व कार्य के समय की कोई सीमा नहीं थी 12 से 16 घंटे कार्य एक आम बात थी मज़दूर वर्ग का सर्वांगीण शोषण एक साधारण बात थी। मज़दूर वास्तव में वह वर्ग है जो श्रम के बदले अर्थ कमाता है इस वर्ग को कई श्रेणियों में विभक्त किया जा सकता है पर मुख्यतः दो वर्ग है संगठित एवं असंगठित, पर आज भी विडंबना है कि संगठित या कार्यालय में कार्यरत को तो यह लाभ मिलता है पर अन्य वर्ग आज भी शोषित है महिलाओं को काफी जगहों पर शोषण तथा असमानता का शिकार होना पड़ता है इतना ही नहीं बाल मज़दूरी समाज में एक दुष्कृति एवं कलंक बन चुकी है आज भी 2000 से 3000 तक मेहनताने पर लोग काम करने को विवश हैं, निजी क्षेत्र में आज भी घंटों की सीमा समाप्त हो गई है, यद्यपि बाल मज़दूर तथा ट्रैफिकिंग पर नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने अपना जीवन न्यौछावर कर दिया पर यह तपते रेगिस्तान में एक बूंद के समान है क्योंकि बाल मज़दूरी के मूल में भूख है और भूख अभी तक बाकी है असमंजस में हूँ कि १ मई को शिकागो के बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करूं या 8 घंटे की उपलब्धि पर बधाई दूं वैसे तो भारत में मई दिवस 1923 से मद्रास दिवस के रूप में मनाया जा रहा है पर वास्तव में श्रमिक सुधार 1942 से प्रारंभ हुए जब बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर जी को श्रमिक समिति का सदस्य मनोनीत किया गया, उन्होंने श्रमिक कानूनों में उल्लेखनीय सुधार किए, काम के घंटे 8 किए, महिलाओं के लिए काम के समय के साथ खान में काम करने पर प्रतिबंध तथा सवैतनिक प्रसूति अवकाश का प्रावधान किया, यद्यपि बहुत कुछ किया जा चुका है पर अभी भी बहुत कुछ किया जाना शेष है 1 मई मज़दूर दिवस पर आप सभी का क्रांतिकारी अभिनंदन तथा बधाई और शुभकामनाएं,

अज़हर जमाल सिद्दीकी,
महामंत्री, लाईफ इंश्योरेंस इम्पलाईज एसोसिएशन,
लखनऊ इकाई

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