निगम दिवस पर संदेश

नमस्कार मित्रों,
आज भारतीय जीवन बीमा निगम की स्थापना की 61 वीं सालगिरह है।
1 सितंबर 1956 को जब भारतीय जीवन बीमा निगम का राष्ट्रीयकरण हुआ, उस समय सरकार द्वारा कुल 5 करोड़ रुपये,की धन राशि बीमा निगम को व्यापार हेतु हस्तांतरित की गई थी परंतु उन्हीं 5 करोड़ रुपए से भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों, अधिकारियों, विकास अधिकारियों सहित अभिकर्ता बंधुओं ने आज अपने प्रिय निगम को कामधेनु के रूप में विकसित कर लिया है और उसके बदले में निगम सरकार को प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रुपये निरंतर देता आ रहा है।
आप सभी साथियों को भारतीय जीवन बीमा निगम की 61 वीं सालगिरह पर हार्दिक बधाई तथा निरंतर विकास की ओर अग्रसर रहने के लिए शुभकामनाएं, यहां यह बात भी कम महत्वपूर्ण नहीं है कि हार्दिक बधाई के पात्र केवल निगम के प्रत्यक्ष रुप से जुड़े हुए कर्मचारी एवं विकास वाहिनी के सदस्य ही नहीं है, परंतु पूरा भारत बधाई का पात्र है क्योंकि वास्तव में भारतीय जीवन बीमा निगम केवल उन्हीं को रक्षा कवच नहीं प्रदान करता जो प्रत्यक्ष रूप से निगम में अपना बीमा कराते हैं! बल्कि वास्तव में हमारे निगम ने अप्रत्यक्ष रुप से पूरे भारत को आर्थिक दृष्टिकोण से सुरक्षा कवच प्रदान कर मुफ्त में ही बीमित कर रखा है,
यह बात समझने की कि भारतीय संविधान में अनुच्छेद 36 से अनुच्छेद 51 तक जिस कल्याणकारी राज्य की अवधारणा प्रस्तुत की गई है उस को मूर्त रुप देने के लिए जिस अर्थ की आवश्यकता होती है वह हमारा निगम वर्षों से पूरा करता चला रहा है राष्ट्रीयकरण के तुरंत बाद द्वितीय पंचवर्षीय योजना में निगम ने 184 करोड़ का योगदान दिया जो देश के ढांचागत विकास में सहायक रहा, जिस में आवास बिजली, सिंचाई, सड़क, परिवहन, पुल निर्माण इत्यादि प्रमुख हैं
आप सभी साथियों को भारतीय जीवन बीमा निगम की 61वीं सालगिरह पर हार्दिक बधाई तथा निरंतर विकास की ओर अग्रसर रहने के लिए शुभकामनाएं, हार्दिक बधाई के पात्र केवल निगम के प्रत्यक्ष रुप से जुड़े हुए कर्मचारी एवं विकास वाहिनी के सदस्य ही नहीं परंतु पूरा भारत बधाई का पात्र है वास्तव में भारतीय जीवन बीमा निगम केवल उन्हीं को रक्षा कवच नहीं प्रदान करता जो प्रत्यक्ष रूप से निगम में अपना बीमा करते बल्कि वास्तव में हमारे निगम ने अप्रत्यक्ष रुप से पूरे भारत को आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टिकोण से सुरक्षा कवच प्रदान कर मुफ्त में ही बीमित कर रखा है।
यह बात समझने की है कि, भारतीय संविधान में, अनुच्छेद – 36 से अनुच्छेद- 51 तक, जिस कल्याणकारी राज्य की अवधारणा प्रस्तुत की गई है, उसको मूर्त रुप देने के लिए जिस अर्थ की आवश्यकता होती है हमारा निगम वर्षों से पूरा करता चला रहा है राष्ट्रीयकरण के तुरंत बाद द्वितीय पंचवर्षीय योजना में, निगम ने 184 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जो देश के ढांचागत विकास में सहायक बना जिससे आवास, बिजली, सिंचाई, सड़क, परिवहन, पुल निर्माण इत्यादि आवश्यकताओं की पूर्ति होने लगी जो कि कल्याणकारी राज्य की अवधारणा का एक अवयव है।
आज पंचवर्षीय योजनाओं में यह निवेश वर्ष 2012 से 17 के लिए 14 लाख 23 हजार 55करोड रुपए पहुंच गया है, इसके अतिरिक्त सरकारी निवेशों में वर्तमान में देश के विभिन्न विकास कार्यक्रमों के लिए निगम का निवेश 24 लाख 72 हजार 389 करोड रुपए पहुंच गया है, जो वास्तव में एक कीर्तिमान है।
मैं पूरे गर्व के साथ यह कहना चाहता हूं कि ऐसा पूरे विश्व में कोई भी बीमा निगम नहीं है जो देश के नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ देश को आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करता हो, इतना ही नहीं देश में निजी कंपनियों के पदार्पण के बाद भी निगम एक ओर अपने अस्तित्व की रक्षा में प्रभावशाली ढंग से लगा हुआ है, वहीं दूसरी ओर अपने दायित्व का निर्वहन भी अत्यंत सशक्त एवं सफल तरीके से करता आ रहा है, मैं पूरी ईमानदारी से यह कहना चाहता हूं कि यह केवल और केवल भारतीय जीवन बीमा निगम ही है जो बीमा करने से पहले बीमा के दावों का भुगतान सुनिश्चित करता है, लातूर से लेकर उत्तराखंड की त्रासदी तक निगम ने अत्यंत सहृदयता से तमाम रियायतों के साथ या यह कहा जाए कि लगभग आंख बंद करके मृत्यु दावों का भुगतान किया है,
आज निगम में मृत्यु दावा निपटान की दर 99.63 प्रतिशत तथा पूर्णावधि दावों के निपटान का प्रतिशत 98.34% है, उसके बावजूद निगम की रक्षित निधि 23 लाख 23308 करोड़ एवं 2572208 करोड़ की परिसंपत्तियों का सुरक्षित आलंब है, इतना ही नहीं निगम सामाजिक सुरक्षा के दायित्व का निर्वहन भी, आम आदमी बीमा योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना तथा गोल्डन जुबली वजीफा योजना जैसे कार्यक्रमों को संचालित कर पूरा करता आ रहा है।
निगम से संबद्ध होने के कारण हमें गर्व है कि जिस तरह सीमा पर भारत के जांबाज सैनिक, भारत मां की सुरक्षा का दायित्व निभा रहे हैं, वैसे ही हम और हमारा निगम भारत की आंतरिक सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा का दायित्व अत्यंत सफलतापूर्वक निभा रहे हैं। सभी को पुनः भारतीय जीवन बीमा निगम के 61वें स्थापना दिवस या जन्मदिन की हार्दिक बधाई और निगम व देश के उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामनाएँ

अजहर जमाल सिद्दीकी

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