25 वें द्विवार्षिक सम्मेलन के उपरांत महामंत्री का उद्बोधन

साथियों नमस्कार
लखनऊ मंडल के संगठन, ऑल इंडिया लाइफ इंश्योरेंस इम्पलाईज एसोसिएशन का वार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन, विगत 6, 7 एवं 8 नवंबर को, जलपाईगुड़ी मंडल के तत्वावधान में अत्यंत सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। लखनऊ मंडल से तीन महिला साथियों तथा तमाम साधारण सदस्यों सहित 25 सदस्यों ने इस वार्षिक सम्मेलन में भाग लिया।
यह अधिवेशन, जलपाईगुड़ी मंडल के साथियों ने “लता गुड़ी” के गुरु-मारा, कानन स्थित, सनसिटी रिसॉर्ट तथा ड्रीम-लैंड रिज़ार्ट में आयोजित किया, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण था, यह स्थान हरित अरण्य से चहुँ दिश परिसीमित है।
शहर की भीड़ भाड़ से दूर इस स्थान का प्रदूषण रहित वातावरण तथा गुरु मारा राष्ट्रीय उद्यान में वन्य-जीवों की उपस्थिति का आभास एक रोमांच उत्पन्न कर रहा था, भाव विह्वल कर देने वाली हरितमा के मध्य, निशा का यौवनोन्मुखन, वातावरणीय तापमान में निरंतर शिथिलन की सहचरी करता, प्रात की बेला पक्षियों के चहचहाहट से मधुर संगीत उत्पन्न करती हुई, सूर्य का स्वागत करतीं। भास्कर की स्वर्णिम रश्मियां, तुहिन कणों से आच्छादित घास के मैदान को चांदी का असीम आवरण प्रदान कर, अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य से हम सभी को आनन्द विभोर करतीं।
इस अधिवेशन में देश के विभिन्न कोने से आए प्रतिभागियों के अतिरिक्त उत्तर मध्य क्षेत्र से आगरा, कानपुर, बरेली, देहरादून तथा लखनऊ के तमाम सदस्यों ने अत्यंत उल्लासपूर्ण सहभागिता सुनिश्चित की।
तीन दिवसीय इस कार्यक्रम का पहला दिन, जलपाईगुड़ी के मंडल कार्यालय प्रांगण में झंडारोहण द्वारा उद्घाटन व स्वागत, अभिनन्दन समारोह से प्रारंभ होकर एक विशाल जुलूस में परिवर्तित हो गया, इस जुलूस की अगुवाई एक पारम्परिक सामुहिक बिहू नृत्य मंडली द्वारा हुई एवं पीछे देश के कोने-कोने से आए विभिन्न मंडलों के सदस्यगण पंक्तिबद्ध हो अनुशासित तरीके से शहर के मध्य से वहाँ की विभिन्न सड़कों पर चलते हुए जलपाईगुड़ी के आम जन को आकर्षित करने तथा उनके मध्य कौतूहल बिखेरने में सफल रहे।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में किसी राजनीतिज्ञ या शासकीय या राजकीय सत्तासीन उच्च पदस्थ राजदरबारियों के बजाय एक अत्यंत महत्वपूर्ण परन्तु अति साधारण पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति कलीमुलहक को आमंत्रित किया गया। कलीमुलहक को मोटर साइकिल एंबुलेंस के अविष्कार का श्रेय है, इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर भारत सरकार उन्हें पद्मश्री से सम्मानित कर चुकी है।
कार्यक्रम का अगला चरण राष्ट्रीय सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक, धार्मिक अनेकता में एकरूपता के संदेश पर आधारित “मिले सुर मेरा तुम्हारा, तो सुर बने हमारा” के महत्वपूर्ण एवं अर्थपूर्ण संदेश पर आधारित, एक अत्यंत मनोरंजक कार्यक्रम, जलपाईगुड़ी के स्थानीय तथा निगम में कार्यरत कलाकारों की गीत एवं संगीत बद्ध प्रस्तुति ने तमाम दर्शकों को मंत्रमुग्ध एवं जडवत् कर दिया।
अगले दो दिनों तक विभिन्न इकाईयों द्वारा सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया।
लखनऊ मंडल की ओर से, महामंत्री की ओर से एक सारगर्भित उद्बोधन तथा संयुक्त मंत्री सोमेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा स्थानीय एवं केंद्रीय स्तर के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
सदन में जिन विषयों पर मुख्य रूप से लगभग सभी की ओर से चर्चा हुई उसमें वेतन पुनर्निर्धारण प्रमुख था। इसके अतिरिक्त पांच दिवसीय सप्ताह तथा अन्य लम्बित मुद्दों विशेषकर, पी एल एल आइ पर गंभीर चर्चा की गई।
सभा के अंतिम चरण में राष्ट्रीय महासचिव श्री मनोहर वेगास ने केंद्रीय स्तर पर वेतन पुनर्निर्धारण तथा पांच दिवसीय सप्ताह सहित अन्य लम्बित मुद्दों को केंद्रीय प्रबंधन के माध्यम से सरकार के समक्ष सशक्त माध्यम से उठाए जाने के समस्त लोकतांत्रिक उपायों के प्रयोगात्मक पक्ष के अनुप्रयोग से न हिचकने का आश्वासन दिया एवं सभी से सहयोग की अपेक्षा पर बल दिया।
सभा के अंतिम चरण में वार्षिक चुनाव की प्रक्रिया अत्यंत शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई इस प्रक्रिया में कुछ अपरिहार्य परिवर्तनों जैसे कार्यकारी अध्यक्ष श्री कलापी देसाई, अध्यक्ष श्री एम. पी. मित्तल तथा महामंत्री श्री मनोहर वेगास (अपरिवर्तित) के अतिरिक्त उल्लेखनीय परिवर्तन लखनऊ मंडल के कर्मठ एवं जुझारू साथी सोमेंद्र श्रीवास्तव का अखिल भारतीय संयुक्त मंत्री चुना जाना रहा।
सोमेन्द्र श्रीवास्तव का राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री चुना जाना, लखनऊ मंडल के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है इससे पूर्व भी उनको उनकी कार्यक्षमता के आधार पर वेतन पुनर्निर्धारण मसविदा निर्माण समिति सदस्य के रूप में दायित्व दिया गया जिसके निर्वहन में इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, इतना ही नहीं सोमेन्द्र श्रीवास्तव ने आल इंडिया लाइफ की वेबसाइट के निर्माण में आलमबाग शाखा के आनन्द मिश्रा के साथ मिलकर महत्वपूर्ण योगदान दिया है, इस वेबसाइट को इसी अधिवेशन में सार्वजनिक रूप से प्रमोचित (launch) कर इन्होंने प्रशंसा बटोरी, इस अवसर पर लखनऊ मंडल के सभी साथियों को मंच पर बुला कर सम्मानित किया गया जो पूरे लखनऊ मंडल के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।
साथी सोमेन्द्र श्रीवास्तव का केन्द्रीय इकाई का संयुक्त मंत्री बनाया जाना पूरे लखनऊ मंडल के लिए अभूतपूर्व क्षण है यह पद उन्हें उनकी विलक्षण प्रतिभा के बल पर मिला है हमें विश्वास है कि वे आगामी वर्षों में अपने पद की सार्थकता को सकारात्मक परिणति प्रदान कर सफलता के गगनचुंबी कीर्तिमान स्थापित कर पूरे लखनऊ मंडल को हर्षित व गौरवान्वित करते रहेंगे हम साथी सोमेन्द्र को इंदिरा नगर शाखा तथा पूरे मंडल की ओर से हार्दिक बधाई प्रेषित करते।
यहां पर यह स्पष्ट कर देना अत्यावश्यक समझता हूँ कि हमारा यह कार्य कभी भी सफल न होता यदि लखनऊ मंडल के सभी साथियों की प्रेरणा, शुभेच्छाएं व आर्थिक सहयोग हमें न मिलता, हम अपनी ओर से तथा अपने संगठन लाईफ इंश्योरेंस इम्पलाईज एसोसिएशन, लखनऊ इकाई की ओर से हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित करते हैं और आभार व्यक्त करते हैं।
जिन साथियों ने लखनऊ मंडल की ओर से अपनी तमाम व्यस्तताओं को तिलांजलि देकर अधिवेशन में सहभागिता की उनको धन्यवाद प्रेषित करते हैं। हम साथी रघुवीर सिंह के भी आभारी हैं हैं जिन्होंने रेलगाड़ी के 14घंटे विलम्बित होने के परिणाम स्वरुप लखनऊ के 17 सदस्यों को अपने घर पर रूकने एवं स्वयं भी इसी गाड़ी की प्रतीक्षा करते हुए सुबह से शाम तक हमारी आवभगत में लगे रहे।
हम त्रिदिब गुन तथा जलपाईगुड़ी के सभी साथियों का व्यक्तिगत, लखनऊ मंडल की ओर से तथा नार्थ सेंट्रल जोन की ओर से, उच्चकोटि के आयोजन, अप्रतिम आतिथ्य सत्कार, अद्वितीय भोजन व ठहरने की व्यवस्था, ह्रदयस्पर्शी संगीतमयी मनोरंजन व्यवस्था इत्यादि इत्यादि के लिए आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।
मुझे यह कहते हुए तनिक भी संकोच नहीं है कि जलपाईगुड़ी का यह आयोजन आगामी वर्षों में मील का पत्थर साबित होगा।
धन्यवाद
क्रांतिकारी अभिवादन सहित
आपके
सहयोग का सदैव आकांक्षी व ऋणी
अजहर जमाल सिद्दीकी
महामंत्री
लाइफ इंश्योरेंस इम्पलाईज एसोसिएशन, लखनऊ इकाई

LIST OF OFFICE-BEARERS & W.C. MEMBERS

PRESIDENT : SHRI M.P. MITTAL
WORKING PRESIDENT : SHRI K.P. DESAI
GENERAL SECRETARY : SHRI MANOHAR VIEGAS
TREASURER : SHRI WALTER MARTIS
VICE-PRESIDENTS :

SHRI S.C. KANDWAL (NZ)
SHRI RAGHUBIR SINGH (NCZ)

SHRI RAKESH LAKDAWALA (WZ)

SHRI SUNIL SAGAR (SCZ)
SHRI P.M. NATH (EZ)
JOINT SECRETARIES :

SHRI R.K. HAZARIKA (EZ)
SHRI GANESH NAYAK (WZ)

SHRI RANJIT MISRA (EZ)

SHRI PRAMOD RANA (NZ)
SHRI SOMENDRA SRIVASTAVA (NCZ)

SHRI SUMANCHANDRA RAO (SCZ)
W.C. MEMBERS:

SHRI/SMT.

Prashant Payal, O.P. Yadav, Sunil Sehrawat, Ganga Singh Rawat, Ravinder Chopra, Gurdeep Singh, R.P. Saxena, Y.P. Gupta, Sanjay Solanki, V.K. Prajapati, V.K. Yadav, Sanjay Balani, Azhar Siddiqui, Dinesh Singh, Archana Sankhdhar, Pawan Rawat, B.T. Khandekar, Arun Mane,

Sanjay Ahire, Sunil Sarvankar, R.R. Mishra, Harish Singh, Bhavnesh Bhatt, Mukesh Soni, Bharat Gajjar, G.V. Likhare, M.P. Vaniya, Vinod Modi, Priti Bumia, Dilip Kumar Deka, Jishu Mazumdar, Dipjyoti Nath, Noor Mohammad Ali, Jatin Chandra Das, Kokil Kumar Haloi, Manoj Kumar Nath, Bhabani Prasad Das, Kamadkhya Prasad Roy, Hemant Medhi, Rajib Kakati, Sanjib Borthakur, Rafique Hasan, Ananta Borah, Debananda Dutta, Dibyendu Sarkar, Tapas Das, Pintu Ghosh, Ramshankar Singh, Jai Prakash Singh, Tridip Banerjee, Ranadip Majumdar, K . Satish, Kavitha Udayashankar, Balakrishna Shenoy, Lakshmi Kamath, G.S. Amith & S.B. Yogamani.

Thanks motion from Jalpaiguri

Friends,

We bid good-bye to the delegate friends! Our heart aches with this separation. we hope that you have reached home by this time and are musing over what had happened in all these days of your subornment. We would all send you off with hearty gratitude. Your presence and participation in all the programmes of the 25th Biennial Conference brought the people of this small town of Jalpaiguri and the venue of the conference at Lataguri pulsating to life. Whether in the Divisional Office in the programme of hoisting of Flag of our beloved association and two and a half km walking through different parts of the town elated us with great joy and it has gone to establish that “Quantity is not all, Quality is the last word”. Hats’ off to you all.

We would offer the success of the Conference to the Founder Members who had taken much pains to found this Jalpaiguri Unit in 1959 with only 19 members!

Some of the words which I missed in my thanks giving address, are mentioned in this note for its completion. The foremost among them is the faith and trust of the General Secretary on us for this gigantic job in a place 40 kms away from the Jalpaiguri town. It is really a “Tryst with Trust”. We would salute the All India Leaders with Sri Manohar Veigas in the van. Secondly, the Divisional Units at Kolkata, Guahati, Jorehat, Bongaigaon remained in constant touch with us in the matter of organising this huge job for the last six months, to enkindle the strength innate in us to make the Conference a thunderous success. Our special thanks are to the Units at Udupi, Surat, Ahmedabad, Vododara, Shimoga, Mumbai, Delhi, Agra, Baraily, Kanpur, Dehradun, Lucknow, Gwalior who added to the luster of the Conference by their rich deliberations and hearty co-operations. The offering of “Gamocha” to all the delegates and participation in the traditional “Bihu Dance” by the Guahati friends shall be ever lasting in the minds of us. Our hearty thanks are to Mr. R.P. Saxena of Agra Unit who notwithstanding his tiredness for more than 20 hours belated journey of train conducted the Open Session and Cultural Function smilingly for long hours. We are indeed indebted to him and our joy knows no bounds.

This 25th All India Biennial Conference shall everlast in our minds from various angles. The presence of Padmasree Karimul Haque added to the glamour. More than five hundred people were present in the Open Session in the Art Gallery Cineplex fully packed up to its capacity in two floors.

I specially missed Mr. Lalwani who prompted me to hold the Conference in the Gorumara Forest beset with animals and birds. Alas ! Mr. Lalwani is no more. He breathed his last a few months earlier to the Conference. I cannot help mentioning the name of A.B. Ojha who always encouraged me to hold the Conference in the lap of the jungle. It is my pleasure that we could rise to the occasion. A big contingent of delegates came from Kolkata with our veteran leader Sri Sunil Dhar Choudhury. Our sincere thanks are to Sri S.S.Jain and Sri Kandwal who had taken much pains at his old age to come from the distant part of Delhi, who encouraged us always to go ahead and not to look back till goal is achieved. We are thankful to them and others for whom age and distance were not bar to be part of the Conference and meet one another in a lonely jungle resort.

Friends, we tried hard to make the Conference a great success with comfortable board and lodging in the lap of the nature. Still there might have been lapses in one point or another for which I appologise on behalf of the Host Division. The absence of the President and Working President was regretted. They could not overcome their preoccupations and other encumbrances.

Congratulations to the newly elected Office Bearers of our esteemed association. We extend our hearty good wishes for the next Host Division to hold the 26th session with still more grandeur and colour.

With best regards,

 

Tridib Gun

General Secretary, LIEA , Jalpaiguri Division

All Praise to Jalpaiguri Division for hosting a Successful & Memorable 25th Biennial Conference Hearty Congratulations to New Office-Bearers & W.C. Member

Dear Friends

At the outset, I thank you all for re-electing me unanimously as your General
Secretary for one more term and giving me an opportunity to work with the newly elected
President, Shri M.P. Mittal & Working President, Shri Kalapi Desai.
I also congratulate our newly elected Office bearers & Working Committee Members.
Infact , we had detail deliberations on Organising matters and other important issues in a
very conducive environment. All this was possible because of the best arrangements in
place managed by the Jalpaiguri Host Division. It is remarkable to note that they have put
all their resources from manpower to finance to make this mega event a success. The only
set back for the Host Division was the receipt of Donation from various Units, which led to
the deficit. This matter was brought to light during the concluding agenda under any other
matters. I am equally happy to note that many Units voluntary came forward and assured
their  best possible contribution towards the same.
After the conclusion of the Biennial Conference on 8th November,2017 late evening,
Myself and our Treasurer, Shri Walter Martis along with the Office-bearers and Treasurer of
Jalpaiguri Units at together and reconciled the total defici twhich amounted to Rs.2,87,000/-.
We asked the Jalpaiguri Unit to honour the deficit dues from their own personal source till
the amount is made good by the Units, which they agreed to with a condition that
contribution from various Units should reach Jalpaiguri Unit Bank Account by 20th November
2017.
Meanwhile, I am pleased to note that following Units had assured the House that
they would remit the following amount to make good the deficit.

UNITS AMOUNT
1.Ahmedabad 50,000/-
2.Agra 50,000/-
3.Surat 25,000/-
4.Bongaigaon 20,000/-
5.Guwahati 20,000/-
6.Kolkata 10,000/-
7.Jorhat 10,000/-

From the above, we are assured to receive Rs.1,85,000/-.The amount of the
Unit’s contribution will be added to their total Donation contribution to the Biennial
Conference. The Finallist of Donation Contributed by various Units would be put upon
01.12.2017.However, we still have a deficit of nearly Rs.1,00,000/-. Hence, I request other
Units and the above Units (especially Guwahati & Jorhat) to contribute little more so that
we would be able to wipe out the deficit once for all.
Your contribution should be deposited to the following Bank of Jalpaiguri
Division at the earliest under intimation to them.
Life Insurance Employees’ Association
United Bank of India
S.B.A/c.No.0790010102657,IFSCode:UTBI0MKBC35
Branch: Maskalaibari
Thanking you.

INFORMATION TO DELEGATES/OBSERVERS

Reception of delegates and observers coming by TRAIN to N.J.P.(New Jalpaiguri) Rly. Station on 5/11/2017 :

Hired carriages(Cabs) have been arranged to carry the delegates and observers to the venue at Lataguri, 45 kms away from NJP Rly. Station. They are specially requested to alight at the station and use the Escalator to reach the ‘Help Desk’ just outside the platform. Volunteers will be present with Festoons and Banners to receive the guests.

In case of any difficulty in Rly. Station, please contact :
Sutripta Guha – 8250061740, 7407507700
Debasish Ghosh – 8900424504
Gobinda Roy – 9434999659

TAPAS DAS – 9434372226
DIBYENDU SARKAR – 9933580067, 8250914638

 

PROGRAMMES FOR 6/11, THE INAUGURAL DAY AT JALPAIGURI TOWN : 

The delegates and observers at the venue at Lataguri will be collected by us through vehicles to Jalpaiguri town after the early lunch (within 12 noon) was over at the venue so as to reach the L.I.C.I., Div. Office, where delegates and observers coming from all the places and the local persons shall assemble together to participate in the following programmes starting from 3 pm. The programmes will be as under :
1. Flag Hoisting
2. Gate Meeting
3. Parading through main thorofares of the Jalpaiguri town reaching to Art Gallery Cineplex for holding the “OPEN SESSION” of the Conference.
After the Open Session was over delegates and observers shall be carried by us by the same vehicles to the same venue at Lataguri

 

Programmes of 7/11 and 8/11 are given below :

The Conference tiime as per schedule starts from 10-00 am and runs upto 1-30 pm and then the afternoon session will starts from 3-00pm to 5-00 pm. It may vary as per All India directions.
In both the days the breakfast will be within 9-00 am, Lunch within 1-30 to 3-00 pm, evening snacks betweein 6-00 to 6-30 pm and dinner will be at 9-00 to 10-00 pm.

SCHEDULE OF CULTURAL PROGRAMME AS PER CULTURAL COMMITTEE :

7th Nov.
1.6pm to 6.30 pm Tribal Dance in open space.
2. 6.30pm to 7 pm. Handi dance of Biswanath.
3. 7pm to 9pm quiz on hind song conducted by a local team.(Indoor prog.)

8th Nov. 1. Bihu and prog.of Udipi.
6 pm to 7 pm

2. Orchestra.

Prog for members who are interested to take part ,we have to think about its time allotment.

सांसद श्री राम शंकर कठेरिया की सम्मेलन हेतु शुभकामनाएं

सम्माननीय संसद सदस्य श्री राम शंकर कठेरिया ने जलपाईगुड़ी में 6 से 8 नवंबर 2017 को आयोजित होने जा रहे द्विवार्षिक सम्मेलन हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

सांसद श्री कठेरिया का हार्दिक धन्यवाद।

 

A letter from Temporary class to AIIEA

सम्मानीय अध्यक्ष महोदय

(AIIEA)

               Date: 7.7.2017

ALL INDIA INSURANCE EMPLOYEES’ ASSOCIATION
LIC BUILDING SECRETARIAT ROAD HYDERABAD 500063
Email: aiieahyd@gmail.com
PRESIDENT: Phone: 040-23244595

विषय Cir.No.11/2017 दिनांक 3 जून 2017 को CGIT के संबंध में आपके द्वारा प्रकाशित पत्र के संबंध में.
महोदय,
3 जून 2017 को CGIT के संबंध में आपका पत्र प्रकाशित हुआ जिसमें आपने LIC को letter dated 23/5/2017 raising serious concerns over the improper implementation of the Supreme Court Judgment relating to the CGIT Award dated18/6/2001 in the I.D.No.27 of1991 passed by the Learned Presiding Officer Sri K.S. Srivastava. We regret that leave alone a response from you, this letter on a very important subject is not even acknowledged के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद
श्रीमान महोदय आप ने माननीय Supreme Court Judgments of 18/3/2015 and thereafter on the Review Petition Dated 29/4/2015 moved on behalf of LIC.के बारे में लिखा के लिए भी आपको धन्यवाद की आपने माननीय सुप्रीम कोर्ट की बात को मैनेजमेंट के सामने रखा.

लेकिन हम जानना चाहते हे कि संविधान के अनुसार भारत में :-
1) माननीय सुप्रीम कोर्ट
2) माननीय हाई कोर्ट
3) माननीय CGIT
में सबसे बड़ा कोन हे ? (LIC मेनेजमेंट और ALL INDIA INSURANC EEMPLOYEES ’ASSOCIATION AIIEAकी नज़र में ) क्यों की :-
माननीय सुप्रीम कोर्ट के Judgment 18.3.2015, के बाद 9.8.2016, और 22.2.2017 के स्पष्ट फेसले आने के बाद भी आप दोनों (LIC & AIIEA)की जुगलबंदी का राग Statement of claim submitted by the Association having The name of the applicant to the CGIT. The LIC cannot restrict the implementation Of the CGITA ward only to the petitioners. The Award is applicable to al eligible Candidates who qualify having worked during the stipulated period. The CGIT Award and the Supreme Court Judgment is not in persona but they are in rem. हे.
आप दोनों (LIC & AIIEA) 57 पेज के CGIT AWARD पॉइंट 1 से लगायत 94 पोइंट को पढ़े कि, पेज न .24से पॉइंट 32 ,33,35,और 36 में पूरा प्रकरण स्पष्ट होता हे कि जो अभी शामिल हे वह और जिन्हें मालूम नहीं हे उन्हें मैनेजमेंट को विज्ञापन निकाल कर सूचित करके LIC में नौकरी में रखना हे पुरे हित लाभ के साथ को पुनः पढ़े और मैनेजमेंट को भी पढावे दोनों की गलतफहमी दूर होगी साहब.

मानाकि आप दोनों (LIC & AIIEA) हमारे हितेषी हे और आप तो ख़ासतौर से मजदूरो के हितो के लिए ही जानेजाते हे कामरेड साहब. लेकिन हमारे ऊपर किस दुश्मनी के कारण डाका डाल रहे हे साहब.

आदरणीय कामरेड साहब AIIEA हमें हमारी क़ानूनी जंग हमारी 6 अपिलियंत यूनियनों के साथ लड्ने दो
18.3.2015, के बाद 9.8.2016, और 22.2.2017के बाद  लाइफ यूनियन और  लायन अजय जैन के माननीय सुप्रीम कोर्ट की साइट पर डायरी नम्बर आप और आप की LIC को भी मालूम ही हे माननीय सुप्रीम कोर्ट से 15 जून 2017 के बाद एक और सप्लीमेंट्री लिस्ट मैनेजमेंट को मिल गई हे और उन्ही लिस्टों के अनुसार बगेर कोई शर्तो के पुरे हितलाभो के साथ 9.8.2016 के आदेशानुसार माननीय सुप्रीम कोर्ट को, LIC मैनेजमेंट एम्प्लिमेशन के पेपर, लगने वाली तारीख को देगा कि नहीं ? या इसतरह के मेटर में कानूनन नान बेलेबल अरेस्टिंग वारंट का इंतजार करेगा. विचार करे हम किसी की बदनामी नहीं चाहते लेकिन वो नहीं मानें तो हम क्या कर सकते.

आदरणीय कामरेड साहब AIIEA, दिनांक 13 अक्टूबर 2016 को CGIT के संबंध में आपके द्वारा प्रकाशित पत्र के संबंध में.14.10.2016 को आप को पत्र लिखे गए और आप ने 17.10. 2016 को सुबह से ही चेयरमेन साहब और उनकी टीम को हेदराबाद बुलवाकर अपनी (LIC & AIIEA)की जुगलबंदी को ब्रेक किया था और एक पत्र उन्हें दिया था

ऐसी ही उम्म्मीद पुनः हमे हे आप से कि आप माननीय Supreme Court के 18/3/2015 और 9.8. 2016 को आये जजमेंट को अक्षरशः लागु करने के लिए लिखेगे / लागू करवाकर सही- सच्चे कामरेड साबित होगे और हम सब आपको लाल सलाम करेगे .

आशा है इस बात को गंभीरता से लेंगे और सभी अस्थाई कर्मचारियों जिसको माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कामगारों को स्थाई करने का और LIC से पुरे हितलाभो के साथ देने का लिखित में दिया गया है कृपया माननीय सुप्रीम कोर्ट के पूरे आदेश को दोबारा पढ़े और गलतफहमियों को दूर करें तथा जो गलत तथ्य के साथ आपने को जो पत्र Cir.No.11/2017 दिनांक 3 जून 2017 को CGIT के संबंध प्रकाशित किया है उसके लिए आशा है आप, सभी स्थाई होने जा रहे कर्मचारियों के हित में अपना खंडन, सूचना को भ्रम फैलाने वाली बतलाते हुए उसके ऊपर खेद प्रकाशित करेंगे.
Link of the Contempt of Court judgment dated 9th August 2016 of Honorable Supreme Court:
http://supremecourtofindia.nic.in/FileServer/2016-08-09_1470741552.pdf

Link of the judgment dated 18th March 2015 of Honorable Supreme Court:
http://judis.nic.in/supremecourt/imgst.aspx?filename=42497 )

धन्यवाद
Sincerely,
(One of the temporary terminated Employee)
7.7.2017

CGIT-PROCESS FOR DIVISIONAL OFFICES (UPDATE BY AILIEA GENERAL SECRETARY-MANOHAR VEIGAS)

AIL 232017
Cir. No.23/2017 30.05.2017

To: All Zonal/Divisional Units:

Dear Friends,
Sub: Short-listing of candidates with regard to CGIT case.
This is further to the guidelines given by the Central Office to Zonal Offices with regard to short-listing of candidates having worked up to 04.03.1991. It is now understood that Zonal Offices have directed the respective Divisional Offices under their jurisdiction to collect all the data & lists received from Central Office. Further, they have been asked to sort out the data/lists and short-list the candidates in accordance with the guidelines stipulated by the Central Office.

All Units are expected to be in touch with their respective Divisional Offices and give the list of our candidates in advance to P&IR Department/DO, which we had provided earlier while admitting the case in the Supreme Court i.e. candidates having worked as at 04.03.1991. At the same time, all Units should bear in mind that the conditions & guidelines laid down by the Central Office is not in the true spirit of the Supreme Court Judgment dated 09.08.2016. Hence, All India Life upholds the Contempt Petition filed and the same is expected to come up for hearing during July 2017, after the Supreme Court re-opens on 03.07.2017.

Meanwhile, All India Life would be submitting a supplementary list of candidates in the Supreme Court, who have genuinely worked/working temporarily in LIC up to 09.08.2016, but were not petitioners in the case. This was also informed to the C.O. Management during the discussion held by our Delegation on 25th instant.

Thanking you.
Sd/-
Manohar Veigas,
General Secretary, AILIEA.