लखनऊ मंडल में महिला दिवस का सफल आयोजन

आज लखनऊ मंडल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2017 के अवसर पर प्रबंधन द्वारा महिला कर्मचारियों के लिए एक अभिन्न, अभिनव कार्यक्रम का आयोजन कर नवयुग का सूत्रपात किया है।

मंडल के सभागार में एकत्रित महिला कर्मचारियों की बढ चढ कर भागीदारी इस कार्यक्रम की सफलता का स्पष्ट परिचायक है, ऐसा लगता था मानों उनके पंख लग गए हों…… बिलकुल वैसे ही जैसे AIR INDIA द्वारा उन महिला कर्मचारियों को महिला दिवस २०१७ के अवसर पर एक घंटे तक एयर इंडिया के विमान से मुफ्त सैर कराइ, कल्पना करके देखिए एअर इंडिया की कर्मचारी होते हुए जिन्होंने कभी हवाई यात्रा न की हो वे कैसा महसूस कर रही होंगी………..? शायद ऐसे ही लखनऊ मंडल की महिला कर्मचारियों को मानों पंख लग गए हो……… लखनऊ मंडल के प्रबंधन को साधुवाद है विशेषकर प्रबंधक कार्यालय सेवा विभाग को जिन्होंने महिला दिवस को वास्तविक रूप में मनाने में न केवल भरपूर सहयोग दिया बल्कि कार्यक्रम में पूरे समय उपस्थित रहकर सभी महिलाओं का प्रोत्साहन भी किया। आज का यह महिला कार्यक्रम कुछ शक्तियों द्वारा महिला कार्यक्रमों पर अनैतिक आधिपत्य की समाप्ति का सफल प्रयास था, कार्यक्रम में महिलाओं की उन्मुक्त सहभागिता, महिला दिवस के उद्देश्य का प्रकटीकरण थी। महिलाओं का कार्यक्रम, महिलाओं के लिए एवं महिलाओं द्वारा संचालित किए जाने की अवधारणा को वास्तविकता प्रदान कर प्रबंधन ने महिला कर्मचारियों मे आत्मविश्वास एवं स्वावलंबन भाव का संचार कर मानव संसाधन विकास को वास्तविक अर्थों में लागू किया है, पर इसके विपरीत प्रबंधन एवं कुछ महिला साथियों के अनूठे प्रयास पर अपनी कुत्सित भावनाओं का लेप चढाने का प्रयास भी किया गया,चातुर्य रूपी चौसर परविभाजन रूपी पांसो से विघटन के पारम्परिक कुप्रयास भी चलता रहा, महिलाओं के एक वर्ग को……………

कार्यक्रम में 60 से 65 महिलाओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम की सफलता का इतिहास रच डाला, कार्यक्रम में वरिष्ठतम महिला साथी को विशिष्ट सम्मान दिया जाना एक अनुकरणीय शुरुआत है,

मै हृदय की गहराईयों से प्रबंधन तथा लखनऊ मंडल की तमाम महिला कर्मियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2017 की बधाई व मंगलकामनाएं प्रेषित करता हूँ, धन्यवाद,.

अज़हर जमाल सिद्दीकी

महिला दिवस 8 मार्च की बधाइयां

आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) है.

क्या आप जानते हैं कि पहली बार यह कब मनाया गया था. यह सबसे पहली बार 1909 में मनाया गया था और इसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1975 से मनाना शुरू किया.  विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उत्सव के तौर पर मनाया जाता है. यह दिन यह भी याद दिलाता है कि कैसे महिलाओं ने कई सामाजिक व अन्य बाधाओं को पार करते हुए मुकाम हासिल किए और लगातार कर रही हैं. आज की तारीख में हर क्षेत्र में महिलाएं आगे हैं लेकिन अतीत में ऐसा नहीं था. जिस प्रकार की आजादी आज हम महिलाओं को प्राप्त हुए देखते हैं, वे पहले नहीं थीं. न वे पढ़ पाती हैं न नौकरी कर पाती थीं और न ही उन्हें वोट डालने की आजादी थी.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत कैसे हुई, और इससे जुड़ी कुछ खास बातें आइए एक नजर में जानें :

1909: 28 फरवरी को पहली बार अमेरिका में यह दिन सेलिब्रेट किया गया. सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने न्यूयॉर्क में 1908 में गारमेंट वर्कर्स की हड़ताल को सम्मान देने के लिए इस दिन का चयन किया ताकि इस दिन महिलाएं काम के कम घंटे और बेहतर वेतनमान के लिए अपना विरोध और मांग दर्ज करवा सकें.

1913-14: महिला दिवस युद्ध का विरोध करने का प्रतीक बन कर उभरा. रुसी महिलाओं ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस फरवरी माह के आखिरी दिन पर मनाया और पहले विश्व युद्ध का विरोध दर्ज किया.  यूरोप में महिलाओं ने 8 मार्च को पीस ऐक्टिविस्ट्स को सपोर्ट करने के लिए रैलियां कीं.

1975: यूनाइटेड नेशन्स ने 8 मार्च का दिन सेलिब्रेट करना शुरू किया. 1975 वह पहला साल था जब अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया.

2011: अमेरिका के पूर्व प्रेजिडेंट बराक ओबामा ने मार्च को महिलाओं का ऐतिहासिक मास कहकर पुकारा. उन्होंने यह महीना पूरी तरह से महिलाओं की मेहनत, उनके सम्मान और देश के इतिहास को महत्वपूर्ण आकार प्रकार देने के लिए उनके प्रति समर्पित किया.

वैसे बता दें कि इस बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम है ‘Be Bold for Change‘ यानी कि बदलाव के लिए सशक्त बनें. यह कैंपेन लोगों का आह्वान करता है कि वह बेहतर दुनिया के लिए कार्यरत हों जिसमें लिंगभेद से इतर सबको शामिल किया जाए.